एक कोरोना संक्रमित बांदा के लिए पड़ सकता है भारी

कल जब उक्त वृद्ध की बहु संक्रमित पाई गई तो प्रशासन में हड़कंप मच गया क्योंकि यही बहू जवाहर नगर की शादी में सम्मिलित थी। यह जानकारी मिलते ही प्रशासन द्वारा कल गुरुवार को जवाहर नगर पहुंच कर परिवार के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों से पूछताछ कर जांच की रस्म अदायगी की जबकि शादी समारोह में कितने लोग शामिल रहे और कौन-कौन लोग इस परिवार के संपर्क में आए प्रशासन के पास पूरी जानकारी नहीं है।

एक कोरोना संक्रमित बांदा के लिए पड़ सकता है भारी

एक सप्ताह पहले बांदा से चित्रकूट, चित्रकूट से कानपुर और फिर बांदा के अस्पताल में इलाज कराने के बाद संक्रमित पाया गया। वृद्ध प्रशासन की लापरवाही से बांदा के लोगों के लिए भारी पड़ सकता है क्योंकि प्रशासन ने संक्रमित पाए गए वृद्ध के गांव को सील करके चुप्पी साध ली थी, जबकि उसी वृद्ध का परिवार शहर के जवाहर नगर मोहल्ले में एक शादी समारोह में शामिल हुआ उस परिवार को क्वारेंटाइन किया जाना चाहिए था लेकिन यह शादी समारोह में शामिल रहा, जिससे कई लोगों के संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है। 

जनपद के अतर्रा तहसील अंतर्गत ग्राम बाघा में एक 73 वर्षीय वृद्ध कई वर्षों से कई बीमारी से पीड़ित होने के कारण इलाज करा रहा था। वह 5 जून को अपनी निजी बोलेरो गाड़ी से अपनी पत्नी चंदा पुत्र रमेश व नाती पुष्पेंद्र के साथ इलाज कराने जानकीकुंड चिकित्सालय चित्रकूट मध्य प्रदेश गया था। इलाज के दौरान जानकीकुंड चिकित्सालय में पुत्र रमेश नाती पुष्पेंद्र पुत्री भोला जो चित्रकूट में ही ब्याही है। वृद्ध के पास अस्पताल में थे, उसके बाद यही लोग अपनी निजी गाड़ी से अपने ग्राम बाघा 9 जून को वापस आ गए । इसके बाद वृद्ध 11 जून को अपनी पत्नी चंदा पुत्र रमेश नाती पुष्पेंद्र को लेकर बोलेरो गाड़ी से वह  कानपुर गया। जहां गैस्ट्रो लिवर अस्पताल के डाॅक्टर पीके मिश्रा के यहां इलाज करवाया फिर उसी दिन रात 10 बजे हैलट अस्पताल कानपुर पहुंचे। जहां पर चिकित्सकों द्वारा कोविड-19 जांच हेतु सैंपल लिया गया। जांच रिपोर्ट आने के पश्चात ही इलाज के लिए चिकित्सकों द्वारा उनको परामर्श दिया गया।

11 जून की रात की 11.30 बजे वह कानपुर से चलकर 12 जून को सुबह 5 बजे बांदा आकर कटरा मोहल्ले में स्थित भार्गव नर्सिंग होम में पहुंचकर एक्सरे, खून की जांच, न्यूरो की जांच करवाई। 12 जून को प्रातः 11 उक्त वृद्ध अपनी पत्नी व नाती के साथ ग्राम बाघा वापस आ गए। जबकि उनका पुत्र अपनी ससुराल जवाहर नगर बिजली पावर हाउस के पीछे चिल्ला रोड में चला गया। जहां 14 जून को उसकी पुत्री की शादी थी, यहीं पर वह अपने परिवार सहित मौजूद रहा। जबकि उक्त वृद्ध की कोरोनावायरस की रिपोर्ट 13 तारीख को आ गई थी। इधर प्रशासन ने वृद्ध के गांव बाघा को सील कर सेनीटाइज कराया और पूरे गांव को हाॅटस्पाॅट घोषित कर दिया। जबकि उसके परिवार को क्वारेंटाइन में भेजा जाना चाहिए था पर ऐसा नहीं हुआ।

यह परिवार बकायदा प्रशासन की जानकारी में शादी समारोह में शामिल  रहा। जब इस बात की भनक मीडिया को लगी तो मीडिया ने बकायदा जवाहर नगर पहुंचकर शादी समारोह में कवरेज कर प्रशासन को अवगत कराया कि इस परिवार के यहां रहने से अनेक लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। परंतु प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। 13 जून को संक्रमित पाए गए वृद्ध के संपर्क में आने वालों की जानकारी प्रशासन को थी लेकिन कार्रवाई धीमी गति से शुरू हुई। उक्त वृद्ध कोरोना पाॅजिटिव पाये जाने की रिपोर्ट के बाद डाॅ. हर्ष भार्गव ने कटरा स्थित भार्गव अस्पताल को सैनिटाइजेशन के लिए बन्द कर दिया। हालांकि यहां के लगभग डेढ़ दर्जन कर्मचारियों व डाॅक्टर का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया और सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दो दिन बन्द रहने और अस्पताल को पूरी तरह सेनिटाइज करने के बाद अब पुनः भार्गव अस्पताल को खोल दिया गया है। 

कल जब उक्त वृद्ध की बहु संक्रमित पाई गई तो प्रशासन में हड़कंप मच गया क्योंकि यही बहू जवाहर नगर की शादी में सम्मिलित थी। यह जानकारी मिलते ही प्रशासन द्वारा कल गुरुवार को जवाहर नगर पहुंच कर परिवार के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों से पूछताछ कर जांच की रस्म अदायगी की जबकि शादी समारोह में कितने लोग शामिल रहे और कौन-कौन लोग इस परिवार के संपर्क में आए प्रशासन के पास पूरी जानकारी नहीं है। राहत की बात यह है कि प्रशासन ने वृद्ध के परिवार के 16 लोगों  का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था इसमें 15 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है जबकि बहू पाॅजिटिव पाई गई है।

जानकी कुंड चित्रकूट में इलाज के दौरान वृद्ध की बेटी भी शामिल नहीं इसलिए उसके परिवार के आधा दर्जन सदस्यों की की जांच भेजी गई है। वहीं जवाहर नगर में जिस घर में 14 जून को लड़की की शादी थी उस परिवार के आधा दर्जन लोगों का सैंपल लेकर भेजा गया है। जो काम प्रशासन को पहले करना चाहिए था अब किए जा रहे हैं जिससे इस बात का खतरा मंडरा रहा है कि वृद्ध के संपर्क में आने वाले कई लोग संक्रमित हो सकते है। फिलहाल परिवार के 16 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आने से राहत महसूस की जा रही है लेकिन कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जानकीकुंड चित्रकूट अस्पताल से लेकर कानपुर के गैस्ट्रो लिवर अस्पताल और चित्रकूट में रहने वाली वृद्ध की बेटी और उसका परिवार, जवाहर नगर में वृद्ध के बेटे के ससुराल में भी कुछ लोग संक्रमित हो सकते हैं।