उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों से सफर सुरक्षित, दुर्घटनाओं में आई कमी

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) ने जब से कई बिन्दुओं पर बसों की जांच कर रुट पर भेजने की प्रक्रिया लागू की तबसे गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष दुर्घटनाओं में करीब 13 प्रतिशत की कमी आई है। इससे परिवहन निगम की बसों से सफर करना और सुरक्षित हो गया है।

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों से सफर सुरक्षित, दुर्घटनाओं में आई कमी
UP ROADWAYS, BANDA

लखनऊ, (हि.स.)

परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने बुधवार को बताया कि रोडवेज बसों से सफर दिन-प्रतिदिन और सुरक्षित होता जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह 13 बिन्दुओं पर बसों की जांच करके रुट पर भेजने की प्रक्रिया लागू करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 की तुलना में वर्ष 2019-20 में रोडवेज बसों की दुर्घटनाओं में करीब 13 फीसदी की कमी आई है। वर्ष 2018-19 में कुल 748 बस हादसों में करीब 484 लोगों की मौत हुई थी और 806 लोग घायल हुए थे। जबकि 2019-20 में 648 बस हादसों में करीब 390 यात्रियों की मौत हुई थी और 802 लोग घायल हुए थे। इस वर्ष बस हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में 19 प्रतिशत की कमी आई है। जबकि घायलों की संख्या में 0.49 प्रतिशत की कमी आई है।

यह भी पढ़ें : योगी ने की शुरूआत : बुन्देलखण्ड के हर घर पर नल से मिलेगा पानी

प्रबंध निदेशक ने बताया कि रोडवेज बसों से होने वाले हादसों में कमी लाने के लिए परिवहन निगम निरंतर प्रयास कर रहा है। इसके लिए चालकों और परिचालकों का नेत्र परीक्षण, विश्राम की सुविधा, ब्रेथ एनेलाइजर से शराब से पीने की जांच सहित बसों की फिटनेस पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए परिवहन निगम के सभी बस अड्डों पर थर्मल स्कैनिंग और साफ-सफाई के साथ बसों को सेनिटाइज करने की व्यवस्था की गई है।

परिवहन निगम ने कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए प्रदेश के सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को रोडवेज बसों के सुरक्षित संचालन पर ध्याने देने का निर्देश दिया है ताकि कोरोना वायरस की कड़ी को तोड़ा जा सके।

गौरतलब है कि परिवहन निगम ने गत एक जून से रोडवेज बसों का संचालन शुरु किया था। संचालन शुरु होने पर यात्रियों की संख्या काफी कम थी लेकिन अब सुरक्षित संचालन को देखते हुुए लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ रही है।

यह भी पढ़ें : MP में घोषणा के बावजूद बसें न चलने की वजह ये है