पाक के जासूसी ड्रोन से बरामद हुए हथियार

पाक के जासूसी ड्रोन से बरामद हुए हथियार

भारतीय सेना ने पाकिस्तान के जासूसी ड्रोन को मार गिराने में बड़ी सफलता हासिल की है। माना जा रहा था कि पाकिस्तान ड्रोन के जरिए जासूसी करा रहा है। भारतीय सीमा के अंदर पहली बार ड्रोन नहीं मारा गया है , इससे पूर्व में बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भी पाक ड्रोन सीमा के अंदर देखे गए थे। उनमें से एकाध भारतीय जमीन पर गिर भी गए थे। 

इस बार जम्मू के हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन मारा गिराया गया। लेकिन ड्रोन से हथियार बरामद होते ही बड़ा खुलासा हो गया। यह साफ हुआ कि पाकिस्तान ड्रोन का इस्तेमाल सिर्फ जासूसी के लिए नहीं कर रहा अपितु वह आतंकियों को मदद भी पहुंचाता है। 

सेना एक अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ड्रोन से एक राइफल , सात ग्रेनेड बरामद हुए हैं। इससे साफ पता चल रहा है कि यह आतंकियों के लिए था। अंदाजा लगाया जा सकता है कि लगभग एक या दो किलोमीटर पर कोई आतंकी रहा हो जिसे हथियार रिसीव करने थे। किन्तु जवानों की सजगता की वजह से पाकिस्तान की पोल खुल गई। 

यह दुनिया को बताने के लिए पर्याप्त है कि पाकिस्तान आतंकियों को पालता - पोषता है। पाक सरकार के संरक्षण मे ही आतंकवाद फल - फूल रहा है। यही वजह है कि पाक ड्रोन से एक साथ दो काम किए जा रहे हैं , पहला जासूसी और दूसरा सबसे महत्वपूर्ण आतंकियों को हथियार सप्लाई। 

दुनिया के सामने पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब हुआ है। इस देश को सबक सिखाकर ही दुनिया आतंक पर नियंत्रण स्थापित कर सकती है अथवा आतंकवाद से मुक्ति भी प्राप्त कर सकती है परंतु पाकिस्तान पर दुनिया को हावी होकर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी होगी। 

विश्व व भारत में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान में फलफूल रहे आतंकवाद की कमर तोड़नी ही होगी। ड्रोन गिरने के बाद पुनः पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब हुआ है। बेशक डिप्लोमेटिक लेवल पर पाकिस्तान कोई भी बहाना बनाए परंतु पाक की जमीन और सरकार से ही आतंकवाद फल - फूल रहा है।

   सौरभ द्विवेदी

(लेखक बुन्देलखण्ड न्यूज के समाचार विश्लेषक हैं )