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मुठभेड़ के दौरान दबोचा गया कुख्यात डकैत गोप्पा

बीते तीन वर्षों से आतंक का पर्याय बने एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात दस्यु गोप्पा यादव को एसटीएफ ने सटीक मुखबिरी के चलते दबोचने में बडी कामयाबी हासिल की है। बीते माह से पुलिस अधीक्षक ने डकैतों के खिलाफ मुहिम छेड रखी थी। दबाव के चलते डकैत अन्यंत्र क्षेत्रों में शरण लेने को मजबूर हो रहा था। आखिर एसटीएफ ने बुलेरो गाडी को चारो तरफ से घेरकर पकड़ लिया। जिले के सीमावर्ती इलाकों में अपहरण, हत्या और लूट का पर्याय बना डकैत गोप्पा ऊर्फ रामगोपाल के बढते अपराध के चलते सरकार ने एक लाख पांच हजार का इनाम घोषित किया था।

ऐसे पकड़ा गया गोप्पा
एसटीएफ निरीक्षक ऋषिकेश यादव एवं टीम को सूचना मिली कि कुख्यात डकैत रामगोपाल उर्फ गोप्पा उर्फ भोले अपने गैंग के अन्य साथियो के साथ हनुमानगंज व लालता रोड के मध्य नेउरा जंगल थाना क्षेत्र मऊ में मौजूद है। पुलिस द्वारा गैंग के विरूद्व लगातार चलाये जा रहे अभियान के तहत बढते दबाव के चलते गैंग सरगना रामगोपाल उर्फ गोप्पा अपनी पत्नी व वच्चो को लेकर इलाहाबाद जाने की फिराक में था। इस सूचना पर एसटीएफ के निरीक्षक ऋषिकेश यादव ने प्रभारी निरीक्षक मऊ उपेन्द्र यादव से सम्पर्क स्थापित किया गया तथा तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर आने की सूचना दी गयी। एसटीएफ एवं थाना मऊ की संयुक्त टीम नेउरा के जंगल में पहुच गयी और गैंग के निकलने के रास्ते पर गाड़ाबन्दी कर दी। जैसे ही गैग की आहट सुनाई दी इस पर संयुक्त पुलिस पार्टी द्वारा गैंग को आत्मसर्मपण के लिये ललकारा। गैंग द्वारा पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नियत से फायरिंग शुरू कर दी गयी। संयुक्त पुलिस बल ने अदम्य साहस दिखाते हुये गैग का पीछा किया। गैंग के अन्य सदस्य ऊॅची नीची जमीन व जंगल का फायदा उठाकर मौके से भागने मे सफल रहे, किन्तु गैंग सरगना रामगोपाल उर्फ गोप्पा उर्फ भोले उर्फ राजा पुत्र चुनकू यादव निवासी ग्राम हर्रा थाना पहाडी को गिरफ्तार किया गया है। बदमाश के कब्जे से एक बन्दूक 12 बोर तथा एक पट्टा कारतूस बरामद किये गये। उल्लेखनीय है कि कुख्यात अपराधी रामगोपाल उर्फ गोप्पा पर उप्र शासन से एक लाख रूपये का इनाम तथा पुलिस अधीक्षक सतना मप्र से पांच हजार का इनाम घोषित है। बताया कि वर्ष 2016 में थाना पहाडी क्षेत्र के अन्तर्गत तीन व्यक्तियो की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी। इसके बाद ग्राम हर्रा मे ही राजा यादव की हत्या की। वर्ष 2013 मे थाना बहिलपुरवा क्षेत्र के अन्तर्गत दिल्ली पुलिस के उनि जयभगवान शर्मा की हत्या मे भी शामिल रहा है। इस अपराधी के विरूद्व जनपद चित्रकूट एवं बांदा मे कुल 38 अपराधिक मामले दर्ज है। टीम में एसटीएफ निरीक्षक विमल कुमार यादव, एसआई रिजवान अहमद, शशिभूषण, दीपक सिंह, प्रेमसागर, कमाण्डो अवनेन्द्र बाजपेयी के अलावा मऊ थाने के आरक्षी सफीक अहमद, सौरभ कुमार, अंकुश कुमार मौजूद रहे।

पुलिस की दहशत से परिवार समेत भाग रहा था दस्यु सरगना
गौरतलब है कि उप्र से एक लाख व मप्र से पांच हजार का इनामी अंर्तपं्रातीय कुख्यात डकैत रामगोपाल उर्फ गोप्पा यादव कभी दस्यु गौरी गैंग के साथ रहकर वारदातें करता था। इधर दो वर्षों से खुद की गैंग बनाकर पहाडी क्षेत्र में तिहरे हत्याकाण्ड को अंजाम देकर दहशत फैलायी थी। इसके बाद से लगातार वारदाते कर सुर्खियों पर बना रहा। हालही में मारकुण्डी थाना क्षेत्र के कर्का पडरिया गांव में ठेकेदार के दो सहयोगियों को बोरिंग करते समय अपहरण कर सनसनी फैला दी। एसपी के बढते दबाव के चलते दूसरे दिन सीधी मुठभेड भी की। बारिश के चलते डकैत गैंग मौके से भागने में सफल रहा था। गैंग ने दहशत फैलाने की गरज से तड़के दुबारा पहुंचकर ट्रक समेत दो बोरिंग मशीनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस के भारी दबाव के चलते गैंग ने दोनो अपहृतों को मुक्त कर अन्यत्र भाग गये थे। तब से लगातार पुलिस का खौफ जिले के गिरोहों पर हावी था। आये दिन गोप्पा गैंग की मुखबिरी व रसद पहुंचाने वाले तथा गैंग के सक्रिय सदस्यों पर पुलिस अधीक्षक के नकेल कसते ही गैंग साििथयों को छोडकर परिवार समेत पलायन करने की सोच ही रहा था कि एसटीएफ की सटीक मुखबिरी के जाल में वह फंस गयाा। बताया यही जा रहा है कि इनामी डकैत गोप्पा परिवार के साथ अन्यत्र कहीं ठिकाना बनाने के लिये बुलेरो गाडी से जा रहा था। तभी एसटीएफ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दबोच लिया।

सटीक मुखबिरी से नहीं बच सका सरगना
अंर्तप्रांतीय कुख्यात इनामी डकैत गोप्पा यादव आतंक के बल पर ग्रामीणों व पुलिस के लिये खासा सिरदर्द बना था। एसटीएफ ने जाल बिछाकर गोप्पा को उस समय दबोच लिया जब वह परिवार को लेकर कहीं जा रहा था। बताया गया कि चित्रकूट के मऊ थाने से कुछ दूरी पर लालता रोड के पास बोलेरो गाड़ी में बैठकर डकैत रामगोपाल भोला उर्फ गोप्पा शनिवार की सुबह परिवार के साथ जा रहा था। सटीक सूचना पर एसटीएफ वहां पर जा पहुंची और डाकू की बोलेरो गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया। इस तरह खूंखार डकैत दबोच लिया गया। इस संबंध में एसटीएफ के इंस्पेक्टर ऋषि कुमार ने डकैत के दबोचे जाने की खबर की पुष्टि की है।

ललित पटेल से हुई थी गैंगवार
बीते माह डकैत गोप्पा यादव को बिरादरी के निमंत्रण में जाने के दौरान मप्र के इनामी डकैत ललित पटेल गिरोह से सीधी गैंगवार होने के चलते खौरियाये डकैत ललित पटेल ने निमंत्रण पर बुलाने पर गोप्पा के बिरादरी के मुन्ना यादव समेत तीन लोगों को अपहृत कर जिंदा जला दिया था।

मुठभेड से नहीं हिचकता था गैंग
कुख्यात डकैत गोप्पा गैंग में लगभग दर्जन भर सदस्य विभिन्न अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं। गैंग के पास सेमी ओटोमेटिक से लेकर राइफल व बंदूक तथा भारी मात्रा में कारतूस मौजूद हैं। पुलिस भी जंगलों में काॅम्बिंग के समय पूरी तैयारी के साथ उतरती थी। हथियारों के दम पर गोप्पा पुलिस से भी मुठभेड़ करने से नहीं हिचकता था।

गौरी का साथ पाकर करता था वारदात
जिले के बीहड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक दहशत कायम किये कुख्यात डकैत गोप्पा का आपराधिक इतिहास खौफनाक है। गैंग का काम हत्या और लूट कर दहशत फैलाना था। जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के हर्रा गांव का रामगोपाल यादव उर्फ गोप्पा कभी बीहड़ के दस्यु सरगाना रहे गौरी यादव का खास शागिर्द हुआ करता था। जिसके बल पर गौरी ने यूपी के सीमावर्ती व मध्य प्रदेश के सटे इलाके सतना में कई बड़े वारदात को अंजाम दिया। दस्यु सरगना गोप्पा का मुुख्य काम अपहरण कर फिरौती वसूलना था। इसके अलावा क्षेत्र में हो रहे सरकारी व प्राइवेट कामों में रंगदारी भी वसूलता था।

तीन दर्जन से अघिक जघन्य मामले दर्ज
पुलिस के लिए सिरदर्द बना गोप्पा पर लगभग तीन दर्जन से अधिक मामले चित्रकूट, सतना, बांदा के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। खासतौर पर इन इलाकों के सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में डकैत गोप्पा के खिलाफ ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं। जिसमें 29 जून 2016 को मुखबिरी के शक में पहाड़ी थाना क्षेत्र में गोलियों से भून मौत के घाट उतार दिया था। 19 दिसंबर 2016 को पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इसी क्रम में पुलिस से मुठभेड़ के कई मामले दर्ज हैं।

 

 



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