बुंदेलखंड के प्रत्येक जिले में 250 सोलर पंप और लगाए जाएंगे: कृषि मंत्री

कुसुम योजना के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई के लिए 6551 सोलर पम्प लगाये गये हैं

बुंदेलखंड के प्रत्येक जिले में 250 सोलर पंप और लगाए जाएंगे: कृषि मंत्री

कृषि मंत्री व कृषि राज्य मंत्री ने श्री अन्न को बुंदेलखंड का सुपर फूड बताया

बांदा। कुसुम योजना के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सिंचाई के लिए 6551 सोलर पम्प लगाये गये हैं, इसके साथ ही आनेे वाले समय में प्रत्येक जिले में 250 सोलर पम्प और स्वीकृत किये जायेंगे। फसल बीमा योजना के अन्तर्गत किसानों की फसलों के नुकसान का मुआवजा दिया जा रहा है तथा कम ब्याज दर पर केसीसी में किसानों को लोन की व्यवस्था भी की गयी है।

बुन्देलखण्ड एवं विंध्य क्षेत्र में श्रीअन्न, प्राकृतिक खेती, औद्यानिक फसलों एवं पशुपालन को बढ़ावा देने को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में बुधवार को आयोजित कार्यशाला श्रीअन्नोत्सव 2023 एक्सपो का फीता काटकर शुभारम्भ करने के बाद यह बात कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कही।

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इसके पहले उन्होंने श्रीअन्न के उत्पादन को बढाने को लोंगो में जनजागरूकता लाये जाने के लिए किसानों तथा श्रीअन्न के प्रचार-प्रसार को तैयार किये गये वाहनों सहित रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रैली रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेेज से बांदा शहर के विभिन्न स्थानों से होते हुए विकास भवन में समाप्त हुई।

कार्यशाला में हजारों की संख्या में विंध्य एवं बुन्देलखण्ड के विभिन्न जनपदों से आए हुए हजारों किसानों को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले छह वर्षों में आयोजित विभिन्न कार्यशालाओं में आज जनपद में आयोजित कार्यशाला सबसे सफल एवं महत्वपूर्ण रही है, जिसमें कि श्रीअन्न के उत्पादों को बड़ी मात्रा में पैदावार बढ़ाने तथा प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में और अधिक विस्तार किये जाने को महत्वपूर्ण सुझाव कार्यशाला में प्राप्त हुए हैं। इन सुझावों को शामिल कर आगे कृषि की कार्ययोजना एवं व्यवस्था की जायेगी।

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उन्होंने कहा कि भारत की अर्थ व्यवस्था में कृषि क्षेत्र कि लगभग 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता पर रखते हुए किसानों की समृद्धि लाने के लिए अनेकों कार्य किये हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में श्रीअन्न के उत्पादन को बढाने तथा प्राकृतिक खेती के लिए अनुकूल वातावरण सहित यहां की भूमि है। भूगर्भ जल को बढाने के लिए तथा वर्षा के जल को संरक्षित करने के लिए चित्रकूट मण्डल में लगभग 14 हजार तथा झांसी मण्डल में 12 हजार खेत-तालाब बनाये गये हैं।

उन्होंने कहा कि श्रीअन्न में अनेकों पौष्टिक तत्व सम्मिलित होते हैं, इस महत्व एवं श्रीअन्न के उत्पादों का आगे आने वाले समय मेें मध्यम एवं उच्च वर्ग के लोंगो के द्वारा उपयोग किये जाने से श्रीअन्न की मांग एवं मार्केट में वृद्धि होगी, जिससे कि किसानों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। अतः किसान भाई श्रीअन्न एवं प्राकृतिक खेती को अपनायें, जिसमें खर्च कम और अधिक लाभ प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में मंत्री ने विंध्य एवं बुन्देलखण्ड क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों बांदा से निर्भय सिंह व प्रेम सिंह जालौन अरूण कुमार, झांसी से पुष्पेन्द्र एवं अपर्णा श्रीवास्तव तथा अन्य किसानों को शॉल व प्रमाण पत्र भेंटकर सम्मानित किया। इससे पूर्व मंत्री ने मटौंधा ग्राम में खेत-तालाब योजना के अन्तर्गत तैयार किये गये तालाबों का निरीक्षण किया।

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कार्यशाला में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने सम्बोधित करते हुए कहा कि पहले पानी के संसाधन कम होने के कारण मक्का, ज्वार, बाजरा, चना, अरहर आदि फसलों की खेती की जाती है किन्तु इन फसलों का उचित मूल्य न मिल पाने के कारण किसान गेंहू व धान तथा गन्ना आदि की खेती करने लगे, लेकिन अब प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से पुनः श्रीअन्न की खेती के पुराने उत्पादों को बढावा देने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं।

अपर मुख्य सचिव कृषि देेवेश चतुर्वेदी ने कहा कि श्रीअन्न एवं प्राकृतिक खेती महत्वपूर्ण है तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्र इसके लिए उपयोगी है। औषधीय फसलों का हब बुन्देलखण्ड क्षेत्र हो सकता है। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न सुपर फूड है, जिसमें पौष्टिक तत्व अधिक हैं।

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कार्यक्रम का संचालन संजीव बघेल एवं अर्चना भारती द्वारा किया गया तथा राजकीय महिला डिग्री कॉलेज की छात्राओं द्वारा श्रीअन्न की खेती को बढावा देनेे को उत्कृष्ट नाटक का मंचन किया गया। कार्यशाला के साथ आयोेजित श्रीअन्न एक्सपो-2023 में आयोजित प्रदर्शनी में जैविक कृृषि उत्पाद बांदा कृषि विश्व विद्यालय, कृषि वानिकी अनुसंधान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, खाद्य एवं रसद विभाग, जल जीवन मिशन कृषि विभाग पशुपालन विभाग तथा अन्य जनपदों के कृषि सम्बन्धी स्टाल लगाये गये।

हिन्दुस्थान समाचार

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