उप्र के गांवों में दिसम्बर तक खुलेगा पेयजल के साथ रोजगार का नया खजाना

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण इलाकों को नए साल से पहले खुशियों की दोहरी सौगात देने जा रही है...

उप्र के गांवों में दिसम्बर तक खुलेगा पेयजल के साथ रोजगार का नया खजाना
पेयजल योज़ना

  • बुंदेलखंड के ग्रामीण इलाकों में रोजगार की बड़ी खेप तैयार कर रहा राज्य पेयजल मिशन

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण इलाकों को नए साल से पहले खुशियों की दोहरी सौगात देने जा रही है। दिसम्बर में ग्रामीण इलाकों को शुद्ध पेयजल के साथ रोजगार की बड़ी खेप भी मिलने जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत काम कर रहे राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। ‘हर घर नल योजना’ गांव व कस्बे के लोगों को रोजी-रोजगार से भी जोड़ेगी। पहले चरण में बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में शुरू होने जा रही परियोजनाओं में 30 हजार से अधिक लोगों को संविदा पर रोजगार मिलेगा।

  • पहले चरण में तीस हजार लोगों को रोजगार से जोड़ने की तैयारी

ग्रामीण युवाओं को अब रोजगार के लिए घर से दूर नहीं जाना होगा। गांव और कस्बों में ही उन्हें रोजगार मिलेगा। जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन के लिए केयरटेकर, फिटर, प्लम्बर, मकैनिक और सिक्योरिटी गार्ड रखे जाएंगे। प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव के मुताबिक बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में परियोजना का काम काफी तेजी से चल रहा है। हम नवम्बर के अंत तक जलापूर्ति करने के लिए तैयार हैं। परियोजना पर काम कर रही कम्पनियां स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। जलापूर्ति शुरू होने के साथ ही व्यवस्था के संचालन के लिए योग्यता के मुताबिक स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने की योजना है।

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  • वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सप्लाई सिस्टम की देख रेख के लिए युवाओं को मिलेगा रोजगार

योजना में शुद्ध एवं स्वच्छ जलापूर्ति के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों को तैयार कर रही कम्पनियां अगले 10 साल तक मेंटीनेंस का जिम्मा भी संभालेंगी। ये कम्पनियां जलापूर्ति व्यवस्था के संचालन के लिए योजना के मुताबिक हर जिले में 400 से 500 स्थानीय युवाओं को रोजगार देंगी। स्थानीय लोगों को अपने गांव और कस्बे में ही फिटर, प्लम्बर, मैकेनिक और सिक्योरिटी गार्ड का काम मिल सकेगा। बुंदेलखंड के सात जिलों में ही 2,500 से ज्यादा लोगों को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर रोजगार मिलना तय है। जल जीवन मिशन की हर घर नल योजना से 35 करोड़ मानव दिवस रोजगार भी सृजित किए जा रहे हैं।

  • केयरटेकर, फिटर, प्लम्बर, मैकेनिक और सिक्योरिटी गार्ड के लिए दी जा रही ट्रेनिंग

परियोजना को पूरा करने के लिए 22,808 करोड़ रुपये की राशि सरकार के पास उपलब्ध है। चार चरणों में पूरी होने वाली परियोजना में वर्तमान में बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में योजना का काम 90 फीसदी पूरा हो चुका है। वाराणसी, मथुरा, बलिया, गोरखपुर, प्रयागराज समेत प्रदेश के अन्य इलाकों में योजना की शुरुआत हो चुकी है। सरकार का प्रयास प्रदेश के 97 हजार गांवों में रहने वाले 2.63 करोड़ परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 में 78 लाख नल कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य तय है। प्रदेश के 60 हजार गावों में जल-आपूर्ति दिसम्बर से शुरू की जा सकती है।

  • ऐसे मिलेंगे युवाओं को रोजगार के अवसर

राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन के अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में हर चार से पांच किलोमीटर पर ओवरहेड वाटर टैंक बनाये जायेंगे, जिससे आस-पास के गांवों में जलापूर्ति की जायेगी। जलापूर्ति की ज्यादातर व्यवस्था सेंसर आधारित आटोमोड होगी, लेकिन सप्लाई सिस्टम की देखभाल और मरम्मत के लिए फिटर, प्लम्बर, मैकेनिक और सिक्योरिटी गार्ड रखे जायेंगे। 10 वर्षों तक जलापूर्ति व्यवस्था और ट्रीटमेंट प्लांट के देखभाल की जिम्मेदारी निर्माण कार्य करने वाली कम्पनियों के हाथ होगी।

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  • बुन्देलखंड की परियोजनाएं

जल जीवन मिशन के तहत राज्य सरकार बुंदेलखंड के झांसी, ललितपुर और महोबा में करीब 2185 करोड़ रुपये की लागत से 12 परियोजनाओं पर काम कर रही है। दिसम्बर माह तक सरकार की योजना एक करोड़ से ज्यादा आबादी तक स्वच्छ पेयजल की सप्लाई देने की है।

पाइप लाइन बिछाने के साथ ही नदियों और डैमों के पानी को स्वच्छ करने की योजना पर भी काम हो रहा है। झांसी में 1627.94 करोड़ की 10 योजनाएं और ललितपुर में 1623.47 करोड़ की लागत वाली 16 सरफेस वाटर रिसोर्स और 12 भूजल (ग्राउंड वाटर) आधारित पाइप पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है। महोबा में 1219.74 करोड़ की लागत से 364 गांवों तक पानी पहुंचाने के लिये दिसम्बर माह तक का समय नियत किया गया है।

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  • विंध्य क्षेत्र में 17 परियोजनाएं

विंध्य क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत 17 परियोजनाओं के तहत कुल 162 पाइप पेयजल योजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिसमें 22 सतही जल आधारित योजनाएं एवं 140 भूजल आधारित योजनाएं हैं। इन योजनाओं में कुल 2,961 राजस्व ग्रामों के कुल 40,45,943 आबादी के लिए 6,69,508 क्रियाशील गृह जल संयोजन (एफएचटीसी) की व्यवस्था की जायेगी, जिससे कुल 6,69,508 घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी।

परियोजना से विंध्य क्षेत्र के दो जिलों के आठ तहसीलों, 22 विकास खंडों के 1,236 ग्राम पंचायतों को लाभ पहुंचेगा। हालांकि योजनाओं को मार्च, 2022 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन सभी परियोजनाओं को दिसंबर 2021 तक पूरा किये जाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इन सभी परियोजनाओं में हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

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