बाँदा : हाईकोर्ट के आदेश पर प्रधान पद की हुई पुनर्मतगणना, रनर रही प्रत्याशी बनी प्रधान

डेढ़ साल पहले प्रधान पद के चुनाव में जनपद के बबेरू ब्लाक अंतर्गत हरदौली गांव में अफसरी खातून को 40 मतों से पराजित कर इतने..

बाँदा : हाईकोर्ट के आदेश पर प्रधान पद की हुई पुनर्मतगणना, रनर रही प्रत्याशी बनी प्रधान

डेढ़ साल पहले प्रधान पद के चुनाव में जनपद के बबेरू ब्लाक अंतर्गत हरदौली गांव में अफसरी खातून को 40 मतों से पराजित कर इतने ही मतों से शादाब को प्रधान निर्वाचित किया गया था। रनर प्रत्याशी अफसरी खातून ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा मतगणना की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर पुनर्मतगणना हुर्ह जिसमें रनर प्रत्याशी अफसरी खातून को 40 मतों से निर्वाचित घोषित किया गया।

डेढ़ साल पहले हुए पंचायत चुनाव में जनपद के बबेरू ब्लाक में स्थित ग्राम पंचायत हरदौली में प्रधान पद के लिए प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था। तब प्रशासन ने सुनियोजित ढंग से शादाब खान को 40 मतों से विजयी घोषित कर दिया था। वही अफसरी खातून पत्नी जाहिद खान का कहना था कि उन्हें 1624 मत मिले और उनके प्रतिद्वंदी को 1584 मत मिले हैं। पर उस समय आर ओ निरंजन कुमार ने उनकी एक एक नहीं सुनी और शादाब को विजयी घोषित कर दिया गया।

यह भी पढ़ें - बांदा हमीरपुर एमएलसी चुनाव में सपा और भाजपा प्रत्याशियों ने भरा पर्चा, सपा का कौन हुआ बागी प्रत्याशी

इस पर प्रत्याशी अफसरी खातून ने उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में दोबारा मतगणना कराए जाने के लिए वाद दायर किया था। इसके लिए उप जिला मजिस्ट्रेट ने 23 मई 2022 को तहसीलदार के न्यायालय पर दोबारा मतगणना कराए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसी बीच अफसरी खातून में हाई कोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने इस पर 7 जून को मतगणना कराए जाने के निर्देश दिए थे । सोमवार को करीब 4 घंटे मतगणना हुई, मतगणना के दौरान जहां अफसरी खातून को पांच मत मिले थे वहीं दोबारा मतगणना में पचासी मत मिले।

इससे इस बात की पुष्टि हो गई कि प्रशासन की मिलीभगत से अफसरी खातून को हरा दिया गया था। इस तरह पूर्व में विजयी प्रत्याशी को अफसरी बेगम ने 40 मतों से पराजित कर जीत हासिल की। बाद में प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के बीच में निर्वाचित घोषित हुई प्रधान को घर पहुंचाया। इसके पहले विजयी प्रत्याशी को प्रमाण पत्र भी दिया गया। इस बारे में मजिस्ट्रेट सुरभि शर्मा ने बताया कि हाई कोर्ट के निर्णय पर तहसीलदार न्यायालय में मतगणना कराई गई मतगणना के बाद अफसरी खातून को विजयी घोषित किया गया है।

यह भी पढ़ें - लखनऊ-गोरखपुर इंटरसिटी और हमसफर एक्सप्रेस सहित 26 ट्रेनें निरस्त

यह भी पढ़ें - बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे सज संवर कर हो रहा है तैयार, इसी माह मिल सकती है नए एक्सप्रेस वे की सौगात

What's Your Reaction?

like
4
dislike
1
love
2
funny
0
angry
1
sad
0
wow
2