बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को 2022 तक तैयार करने की कवायद तेज

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से लेकर औरैया और इटावा तक निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को 2022 तक पूरा कराने के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है..

बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को 2022 तक तैयार करने की कवायद तेज
बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे निर्माण कार्य

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से लेकर औरैया और इटावा तक निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे को 2022 तक पूरा कराने के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है। निर्माण संस्था दिलीप बिल्डकांन के प्रमुख अधिकारी सचिन जैन ने  बताया कि कार्य को 2022 तक निश्चित समय सीमा पर पूरा कर लिया जाएगा।

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उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कार्य में देरी हुईं हैं लेकिन फिर भी कोशिश है कि कार्य समय से पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इटावा में किलोमीटर के क्षेत्र में कार्य तीव्र गति से आगे बढ रहा है।

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सर्विस रोड समेत मुख्य मार्ग पर मिट्टी का काम अंतिम चरण में है वहीं जल निकासी के छोटे पुलों का भी निर्माण काम पूरा हो चुका है जबकि बड़े पुलों के बनने में समय लगेगा। जैन ने बताया कि सात जिलों चित्रकूट, झांसी, बांदा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे ताखा क्षेत्र के कुदरैल गांव के सामने आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा।

ताखा तहसील क्षेत्र में इसका 15 किलोमीटर का हिस्सा आता है यहां कार्यदाई संस्था दिलीप बिल्डकांन निर्माण कार्य कर रहीं हैं । एक्सप्रेस वे निर्माण को लेकर कार्यदाई संस्था की कई टीमें काम कर रहीं हैं । 110 मीटर चैडे एक्सप्रेस वे पर सर्विस रोड भी तैयार की जा रही है । जहॉ मिट्टी का काम लगभग पूरा कर लिया गया है जहां पर ऊंचाई रखी जानी है। 

आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के जुड़ने के स्थान पर कुदरैल गांव के पास औद्योगिक पार्क बनाने की भी योजना है ।

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इसके लिए भी राजस्व विभाग ने जमीन का प्रस्ताव भेजा गया है । यूपीडा की तरफ से एक किलोमीटर लम्बाई और एक किलोमीटर चैड़ाई में भूमि मांगी गयी है लेकिन राजस्व विभाग द्वारा इसके अनुपात में कुछ कम जमीन का प्रस्ताव भी भेजा गया है हालांकि अभी यह शासन स्तर लंबित है।

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वही यूपी के बांदा में भी लॉकडाउन की वजह से बंद पड़े बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है. हालांकि अभी इसमें पहले जैसी तेजी नहीं है और सप्लाई मटीरियल पहुंचने में बाधा आ रही है। एक्सप्रेसवे मार्ग में अभी ज्यादातर मिट्टी डालने और उसकी लेबलिंग का काम चल रहा है और डंपिंग साइटस में कच्चे माल को भरा जा रहा है।

तमाम दिक्कतों के बावजूद काम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. प्रोजेक्ट साइट प्लांट में गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई है और सभी को सोशल डिस्टेंसिंग नियमों के तहत काम करने के स्पष्ट निर्देश हैं। यहां  90 फीसदी भूमि अधिगृहीत की जा चुकी है। 5 फीसदी भूमि का अधिग्रहण भी जल्द ही कर लिया जाएगा।

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