घर पर रहकर आत्मनिर्भर भारत की उड़ान

घर पर रहकर आत्मनिर्भर भारत की उड़ान

कहते हैं प्रतिभा किसी के पहचान की मोहताज नहीं होती है। अगर किसी में प्रतिभा है तो वह अपनी कला और हुनर के माध्यम से घर पर रहकर भी ऊंची उड़ान भर सकता है। एक ऐसी ही प्रतिभाशाली छात्रा है जया गुप्ता जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक संकल्प एक लक्ष्य’ आत्मनिर्भर भारत को आत्मसात करते हुए अपने द्वारा निर्मित कलाकृतियों को घर पर ही रह कर इंटरनेट के माध्यम से बेचकर अपने सपनों को उड़ान दी है।

बुन्देलखण्ड के जनपद बांदा में रहने वाली विनोद कुमार गुप्ता की बेटी जया गुप्ता को अपने घर में ही मनमोहक कलाकृतियां सजावट, पेंटिंग, रंगोली, मेहंदी आदि का गुर सीखने को मिला। घर में ही कलाकृतियां देख-देख कर उसने पेंटिंग्स बनानी सीख ली और उसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग भी लिया। शहर के अयोध्यावासी मंदिर के वार्षिक सांस्कृतिक जन्माष्टमी में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लिया और प्रथम स्थान हासिल किया। बस उसका मन पेंटिंग में लगने लगा। वह बताती है कि उसने पेंटिंग्स के लिए कड़ी मेहनत की, कई बार तो बिना भोजन किए चित्र बनाने में लगी रहती थी। उसके परिवार वालों ने इस ललक को हमेशा उत्साह से बढ़ाया। उसने अपनी उम्र के साथ अपने कार्य की गति को भी बढ़ाया है और फिर स्कूल-कालेज तथा स्टेट लेवल प्रतियोगिता में सहभाग कर अपने नाम को प्रवीणता सूची में दर्ज भी कराया है।

जया बताती है, "मेरी इस कला को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मुझे मेरी दीदी ने प्रेरित किया। मैंने और मेरी दीदी ने मिलकर मनमोहक प्रस्तुतियों को इंटरनेट पर डाला जिसके परिणाम स्वरूप मुझे पहले 16 लोगों ने संपर्क किया और मेरी कलाकृतियों मे रुचि दिखाई। तब मैंने निश्चय किया कि यदि इस कला के द्वारा रोजगार पैदा हो तो मेरी जैसी बहुत सी प्रतिभाओं को रोजगार मिल सकता है। मैंने कुछ ही दिनों में इस कार्य के लिए अपनी टीम बनाई और प्रतिदिन 30 कलाकृतियां बनाने का लक्ष्य पूरा किया। हमने मिलकर ‘पेंट माई ड्रीम’ संस्था बनाई और इस संस्था में उन महिलाओं को रोजगार दिया जिनके हृदय में कहीं कला छुपी हुई थी। धीरे-धीरे हमारी संस्था ने दीपावली के विभिन्न प्रकार के दिये, गणेश लक्ष्मी, पूजा थाली, बंधनवार, शुभ लाभ, मां लक्ष्मी, चरण पादुका और अपने द्वारा निर्मित माँ दुर्गा फेस तैयार किया। जो लोगों द्वारा पसंद किया गया और हमने जो मनमोहक दिए बनाए उन से धनराशि अर्जित की।"

जया का यह अभियान आत्मनिर्भर भारत में उसका योगदान दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रभावित बीटेक की छात्रा जया गुप्ता कहती है कि हमने अपनी कला कलाकृतियों से आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार किया और आज हमारी संस्था से जुड़े लोगों द्वारा प्रतिदिन बड़ी संख्या में कलाकृतियां तैयार की जाती हैं जिन्हें कई महानगरों से ऑनलाइन आर्डर प्राप्त कर भेजा है। जया ने बताया कि उसका उद्देश्य केवल प्रतिभाओं की पहचान विश्व स्तर पर पहुंचाना है, उसे आशा है कि वह अपने अभियान में एक दिन जरूर सफल हो जायेगी।

वो बताती है कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी अपनाओ के विषय में टीवी पर चर्चा की और घोषणाएं की तो समझो उसके सपनों को पंख लग गए। उसकी टीम उत्साह से भर गई और उसने हस्तनिर्मित वस्तुओं को अधिक से अधिक मात्रा में बनाना शुरू किया। अब जया भी सभी लोगों से प्रधानमंत्री के इस आवाहन को स्वीकार कर स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल करने का निवेदन करती है।

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