बामदेवेश्वर पर्वत पर बनी अवैध मस्जिद को, फिर हटाने की मांग उठी 

हिंदुओं की धार्मिक आस्था का केंद्र बामदेवेश्वर पर्वत पर चोरी छुपे ढंग से मस्जिद का निर्माण कर लिया गया था जब श्रीवाम देवेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संज्ञान में यह मामला आया तो समिति ने इस अवैध मस्जिद को हटाने की मांग की थी।

बामदेवेश्वर पर्वत पर बनी अवैध मस्जिद को, फिर हटाने की मांग उठी 

हिंदुओं की धार्मिक आस्था का केंद्र बामदेवेश्वर पर्वत पर चोरी छुपे ढंग से मस्जिद का निर्माण कर लिया गया था, जब श्रीवाम देवेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संज्ञान में यह मामला आया तो समिति ने इस अवैध मस्जिद को हटाने की मांग की थी ,लेकिन अभी तक प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिससे समिति ने एक बार फिर जिला अधिकारी को एक ज्ञापन देकर अवैध मस्जिद को हटाने की मांग की है।

समिति की ओर से जिला अधिकारी को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि शहर के छाबी तालाब के पास बाम देवेश्वर पर्वत के क्षेत्र में हिंदू आबादी दलित और पिछड़ा वर्ग के लोग निवास करते हैं।इस पर्वत के चारों ओर ही हिंदू बस्ती है परंतु लगभग 2 वर्ष पूर्व यहां पर कुछ मुस्लिम असामाजिक तत्वों ने दलित बस्ती के लोगों को धर्म की आड़ में डरा धमकाकर यहां पर एक मस्जिद बना ली।उन लोगों ने ही वहां की दलित महिला सिमिया देवी की जमीन पर धर्म की आड़ पर डराया धमकाया और कहा कि यहां पर उनके पुरखे दफन है, जिससे यहां पर उनकी मजार बनानी है।अगर मजार नहीं बनाने दी गई तो तुम्हारे लड़के बच्चे मर जाएंगे या पागल हो जाएंगे।इससे डरकर सिमिया देवी ने उन लोगों को मजार बनाने के नाम पर 4 फुट जगह दी थी पर उन्होंने धीरे-धीरे वहां पर चोरी-छिपे काफी बड़ी मस्जिद तैयार कर ली।

इस दौरान काफी संख्या में  मुस्लिमों का वहां आना जाना हो गया, जिससे मोहल्ले के लोग भी भयभीत हो गए। एक मस्जिद तैयार हो जाने से मुसलमानों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने उसी पर्वत पर  एक और मस्जिद व मजारे बनाने की योजना बना ली है। ज्ञापन में कहा गया है कि इस पर्वत का नाम  बामदेव ऋषि के नाम पर पड़ा क्योंकि वामदेव ऋषि ने इसी पर्वत पर तपस्या की थी।इस पर्वत की गुफा में पौराणिक काल का एक शिव मंदिर है ,इसके अलावा अन्य देवी-देवताओं के कई मंदिर हैं। पहाड़ की चोटी पर बजरंगबली का एक प्राचीन मंदिर है जहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं,सावन माह में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच जाती है।

इस संबंध में 21 अगस्त को एक ज्ञापन दिया गया था लेकिन अवैध मस्जिद के मामले में प्रशासन द्वारा किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई।इससे मंदिर आने जाने वाले भक्तों में आक्रोश व्याप्त है।कमेटी ने चेतावनी दी है कि इस पर्वत पर बनी मस्जिद को तत्काल हटाया जाए ताकि शहर का सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे।
ज्ञापन देने वालों में राम बिहारी गुप्ता ,मुकेश सोनी ,रामबाबू, अंकित सोनी, गोलू शर्मा, हरिओम गुप्ता राजेंद्र यादव प्रवीण कुमार, मुकेश कुमार ,विनय वर्मा ,श्री राम बैश्य, रमेश कुमार गुप्ता, सुरेश कुमार साहिल ,देवा अग्रवाल ,दीपक सिंह इत्यादि शामिल रहे।
 

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