ढाई आखर प्रेम के राष्ट्रीय सांस्कृतिक यात्रा बुंदेलखंड में भी

जोश और उत्साह से लवरेज देशव्यापी सांस्कृतिक अभियान पर 20 सितंबर 2023 से निकल पड़ी है। यह सांस्कृतिक जत्था पैदल ही शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती पर राजस्थान के अलवर...

ढाई आखर प्रेम के राष्ट्रीय सांस्कृतिक यात्रा बुंदेलखंड में भी

जोश और उत्साह से लवरेज देशव्यापी सांस्कृतिक अभियान पर 20 सितंबर 2023 से निकल पड़ी है। यह सांस्कृतिक जत्था पैदल ही शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती पर राजस्थान के अलवर से शुरू होकर देश के 22 राज्यों की बहुरंगी, संस्कृति, लोक जीवन, साझा विरासत और समरसता को समझते हुए 30 जनवरी 2024 को महात्मा गांधी के बलिदान दिवस पर दिल्ली में समाप्त होगी। इस यात्रा का बुंदेलखंड के जनपद जालौन में 18 से 23 नवंबर तक आयोजन किया गया है।

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भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की केंद्रीय कार्यकारिणी ने जालौन जनपद का चयन करके महान साहित्यकार और महान समाज सुधारक महाकवि कबीर की अमर वाणी ढाई अक्षर प्रेम के राष्ट्रीय सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन 18 नवंबर से 23 नवंबर तक जनपद जालौन में किया है। यह यात्रा महान बलिदानों की भूमि चुर्खी से शुरू होकर 23  नवंबर को कोच नगर में प्रसिद्ध शिक्षाविद कॉमरेड टीडी वैद्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आंदोलनकारी रहे। वामपंथी आंदोलन में भूमिगत रहकर भी काम किया। उनकी जन्मशताब्दी 23 नवंबर को कोच में  मनाई जाएगी। 

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इसके बाद यह यात्रा ग्राम महेशपुरा पहुंचेगी,जहां यायावारी महान साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन ने यहां काफी दिन गुजारे थे और साहित्य सृजन किया था।  इस यात्रा का समापन ग्राम महेश पुरा में होगा। इसयात्रा का संयुक्त नेतृत्व इप्टा के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश, जिला यात्रा संयोजक देवेंद्र शुक्ला, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य राज पप्पन, जिला महासचिव दीपेंद्र सिंह, प्रदेश सचिव मंडल के सदस्य संजीव गुप्ता स्वाती राज करेगे।

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