प्रधानमंत्री मोदी के तीन तलाक वाले बयान पर बयानबाजी शुरू, विपक्षी नेताओं ने दी प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल में तीन तलाक और यूनिफार्म सिविल कोड जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की।..

प्रधानमंत्री मोदी के तीन तलाक वाले बयान पर बयानबाजी शुरू, विपक्षी नेताओं ने दी प्रतिक्रिया

भोपाल,

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को भोपाल में तीन तलाक और यूनिफार्म सिविल कोड जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमान भाई-बहनों को ये समझना होगा कि कौन-से राजनीतिक दल उनको भड़का कर उनका राजनीतिक फायदा ले रहे हैं। उनके इस बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर पलटवार किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को भोपाल में भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो भी तीन तलाक के पक्ष में बात करते हैं, जो भी इसकी वकालत करते हैं, वे वोटबैंक के भूखे लोग मुस्लिम बेटियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार कहा है कि 'कॉमन सिविल कोड' लाओ लेकिन ये वोटबैंक के भूखे लोग... वोट बैंक की राजनीति करने वालों ने पसमांदा मुसलमानों का शोषण किया है, लेकिन उनकी कभी चर्चा नहीं हुई। उन्हें आज भी बराबरी का हक नहीं मिलता। हम देख रहे हैं कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के नाम पर ऐसे लोगों को भड़काने का काम हो रहा है।

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प्रधानमंत्री के बयान पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने कहा कि प्रधानमंत्री को पाकिस्तान से इतना प्यार क्यों है? उन्हें अपनी सोच का सॉफ्टवेयर बदलना चाहिए। भारत के मुसलमानों को पाकिस्तान, मिस्र से क्या करना है? आप उन्हें क्या बड़ा और हमें कम समझ रहे हैं? ये तो देश विरोधी बात है। प्रधानमंत्री को यह बात समझ में नहीं आई। संविधान में संविधान की बात है। इस्लाम में शादी एक परंपरा है, हिंदुओं में जन्म-जन्म का साथ है। भारत की विविधता को वे एक समस्या मानते हैं।

वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री मोदी की यूसीसी टिप्पणी पर कहा कि वे (मोदी) बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई, मॉडल के हालात पर बात क्यों नहीं करते हैं। इन सभी से ध्यान भटकाने के लिए ऐसी-ऐसी बातें कर रहे हैं।

बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी कुमार ने मोदी की यूसीसी टिप्पणी पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल विधि आयोग द्वारा विचार कर जो रिपोर्ट दी, उसमें उन्होंने समान नागरिक संहिता को सही नहीं बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस देश में इसकी जरूरत नहीं है।



मोदी की यूसीसी टिप्पणी पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्य आरिफ मसूद ने कहा कि प्रधानमंत्री को याद रखना चाहिए कि उन्होंने डॉ. बाबा साहब  द्वारा तैयार संविधान की शपथ ली है। देश के सभी संप्रदायों को संविधान पर भरोसा है और वे इसे नहीं बदलेंगे।

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि यूसीसी (समान नागरिक संहिता) एक ऐसा विषय है जिसपर सभी राजनीतिक दलों को, सभी हितधारकों को बात करनी चाहिए...भाजपा सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करती है जिससे धार्मिक ध्रुवीकरण हो।

वहीं, भाजपा नेता वी. मुरलीधरन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष रूप से कहा कि यह संविधान तय करता है और अदालतें एक तरह से कह रही हैं कि इसे (समान नागरिक संहिता) लागू किया जाना चाहिए।

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