श्रीराम की तपोभूमि में राज्य का पहला ग्लास स्काईवॉक, पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान 

चित्रकूट कभी दुर्दांत डकैतों के आतंक के लिए कुख्यात रहा बुंदेलखंड का चित्रकूट जनपद जल्द ही यूपी के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में पहचाना जाएगा। पाठा के बीहड़ के बीच घने जंगलों के बीच स्थित तुलसी जल...

श्रीराम की तपोभूमि में राज्य का पहला ग्लास स्काईवॉक, पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान 

चित्रकूट कभी दुर्दांत डकैतों के आतंक के लिए कुख्यात रहा बुंदेलखंड का चित्रकूट जनपद जल्द ही यूपी के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में पहचाना जाएगा। पाठा के बीहड़ के बीच घने जंगलों के बीच स्थित तुलसी जल प्रपात में योगी सरकार बिहार के राजगीर की तर्ज पर सूबे का पहला स्काईवॉक बनाने जा रही है। जिसके बाद से विश्व प्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ चित्रकूट के पर्यटन विकास को नई उड़ान मिलेगी। देशी-विदेशी पर्यटकों का आवागमन बढ़ने से क्षेत्र में पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

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धार्मिक और पौराणिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट का पर्यटन विकास केंद्र सरकार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच विंध्य पर्वत श्रृंखला पर बसा चित्रकूट करीब चार दशकों तक ददुआ जैसे दुर्दांत डकैतों के आतंक का शिकार रही है, जिसके चलते क्षेत्र के पर्यटन विकास का पहिया पूरी तरह जाम हो गया था। यूपी में 2017 के बाद से सत्ता में आई योगी सरकार ने आंतक का पर्याय बने दुर्दांत डकैतों का खात्मा कर चित्रकूट के दस्यु प्रभावित होने का कलंक मिटाने का काम किया। चित्रकूट जिले में राज्य का पहला ग्लास स्काईवॉक, तुलसी झरने पर बन रहा है, जिसे शबरी झरना भी कहा जाता है। धनुष आकार के स्काईवॉक का निर्माण 3.70 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है अन्य आकर्षणों में रॉक गार्डन, रेस्तरां और हर्बल प्लांट पार्क भी निर्माणाधीन है।

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पहले इसे शबरी वाटरफॉल कहा जाता था लेकिन राज्य सरकार ने इसका नाम बदलकर तुलसी वाटरफॉल कर दिया। इस खूबसूरत साइट में पानी की कम से कम तीन रिवर स्ट्रीम्स चट्टानों के माध्यम से गिरती हैं। ये लगभग 40 फीट की ऊंचाई पर एक वाइड वाटर बेड यानी जल शैया में और फिर अंत में जंगल में लुप्त हो जाती हैं। जैसे ही लोग स्काईवॉक पुल पर चलते हैं, चट्टानों पर पानी गिरने की आवाज सुनी जा सकती है। ग्लास स्काईवॉक से नीचे जंगल का नजारा भी दिखेगा। ग्लास वॉक पूरा होने के बाद इस जगह पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में कई गुना वृद्धि होने की संभावना है।

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रानीपुर टाइगर रिजर्व के उप निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि तुलसी जल प्रपात में बिहार प्रांत के राजगीर के तर्ज में स्काई वाक ब्रिज का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। चित्रकूट ग्लास स्काईवॉक परियोजना में एक रॉक गार्डन, कैक्टस गार्डन और वाटरफॉल के पास ईकोटूरिज्म एड-ऑन के रूप में व्यू शेड्स का भी प्रस्ताव है।

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