बुंदेलखंड की धरती देश को देती है सांस्कृतिक संदेश

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री जसवंत सैनी ने शुक्रवार को यहां कहा कि बुंदेलखंड आज...

बुंदेलखंड की धरती देश को देती है सांस्कृतिक संदेश

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री जसवंत सैनी ने शुक्रवार को यहां कहा कि बुंदेलखंड आज भी हमारे देश की संस्कृति को संजोय हुए है। एक तरफ रामराज सरकार हैं दूसरी तरफ माता पिताम्बरा पीठ है। यहां पर अनेक ऋषि-मुनियों ने तप किया। इस अंचल में पड़ने वाले चित्रकूट में भगवान राम ने अपने वनवास का समय बिताया।

हिन्दुस्थान समाचार के अमृत पर्व कार्यक्रम में बोले उप्र के औद्योगिक विकास मंत्री

मंत्री जसवंत सैनी बहुभाषी न्यूज एजेंसी हिन्दुस्थान समाचार की स्थापना के 75वें वर्ष के अवसर पर झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में आयोजित ‘बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और विकास’ विषयक संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती देश को सांस्कृतिक संदेश देती है। जहां तक इसके विकास का वास्ता है तो ये पिछड़ा क्षेत्र रहा, लेकिन 2017 के बाद योगी सरकार ने अनेक योजनाए संचालित कीं। एक समय था कि यहां पर पीने के पानी की समस्या थी।

Bundelkhand gives cultural message

यह भी पढ़ें - ठण्ड में कोहरे के दौरान रेल परिचालन के लिए झाँसी मंडल में इस तरह तैयारी हुई

आज सरकार के द्वारा 'हर-घर-जल-नल' योजना से प्रत्येक घर में पानी की व्यवस्था करने का काम हमारी सरकार ने किया है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया गया और पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 14,500 करोड़ की लागत से बने 296 किमी. लम्बे एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया गया, जो यहां के विकास की लाइफ लाइन बनेगी। इस एक्सप्रेस-वे के कारण चित्रकूट से दिल्ली तक का सफर अब सिर्फ सात से आठ घंटे में पूरा हो जाता है। पहले इसमें 20 घंटे लगते थे।

यह भी पढ़ें - रेलवे के मवेशी बहुल इलाकों में रेल पटरियों के किनारे बनेगी बाउंड्रीवाल, हाईस्पीड ट्रेनें अपनी रफ्तार से दौड़ सकेंगी

उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी के क्षेत्र में और अभी डिफेंस कॉरिडोरी के माध्यम से यहां पर उद्योग क्षेत्र विकसित करके इसी क्षेत्र से हथियार बनकर तैयार होंगे जो दुश्मन की छाती को छेदने का काम करेंगे। इस कॉरिडोर के बनने से बुंदेलखंड के लोगों को काम मिलेगा, चाहे किसानों की समस्या हो, नौजवानों की समस्या हो सबकी समस्या का समाधान उप्र की सरकार द्वारा किया जाता है। प्रदेश में उद्योग लगेगा तो यहीं के नौजवानों को काम मिलेगा।

यह भी पढ़ें - लखनऊ में बनेगी ब्रह्मोस मिसाइल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विश्वसनीयता बढ़ी

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जो नारी सशक्तीकरण का सपना है उसको साकार करने की दिशा में भी काम हो रहा है। मुझे गर्व महसूस हो रहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से आज झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की इस भूमि पर आने का मौका मिला। मैं इसको नमन, वंदन और अभिनंदन करता हूं। जिन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ी और चिंगारी जलाई। "खूब लड़ी मर्दनी वो तो झांसी वाली रानी थी" नाट्य के माध्यम से झांसी की रानी के जीवन संघर्ष को बखूबी दिखाया गया है।

यह भी पढ़ें - अद्भुत मगर सचः साढ़े 4 माह से बच्चेदानी के बाहर ठहरा हुआ था गर्भ, हुआ सफल ऑपरेशन

उन्होंने कहा कि झांसी हड़पने के अंग्रेजों के षड्यंत्र के खिलाफ रानी लक्ष्मी बाई ने "मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी" का उद्घोष किया और हाथों में तलवार उठा ली। अपने प्राण न्योछावर कर दिए लेकिन जीते-जी झांसी नहीं दी। ऐसी वीरागंना की वीर भूमि को प्रणाम करता हूं। ये भूमि शूरवीरों की भूमि है जिन्होंने देश की अस्मिता को बचाने के लिए हमेशा संघर्ष किया। इस भूमि को नमन है। हम सब देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।

मंत्री जसवंत सैनी ने कहा कि हिन्दुस्थान समाचार बहुभाषी न्यूज एजेंसी देश में 15 भाषाओं में समाचारों का संकलन करती है। देश के हजारों पत्र-पत्रिकाओं को समाचार देती है। जो राष्ट्रवाद, राष्ट्रीयता का जागरण कर देश को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। मैं एजेंसी के काम में लगे लोगों को बधाई देता हूं। 1948 में शुरू हुई एजेंसी के सामने बहुत सारी कठिनाइयां आईं।

सरकार की उपेक्षा का शिकार हुई, लेकिन उसने अपनी यात्रा कायम रखी और आज वटवृक्ष के रूप में फलीभूत दिखाई दें रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री जसवंत सैनी और हिन्दुस्थान समाचार के अध्यक्ष अरविंद भालचंद मार्डीकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यहां सर्वप्रथम झांसी की रानी की वीरता पर आधारित नाट्य मंचन छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया।

हिस

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0