चीन-भारत के बीच में पाकिस्तान का क्या काम ? 

चीन-भारत के बीच में पाकिस्तान का क्या काम ? 

@ सौरभ द्विवेदी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को संभवतः राजनीति की समझ ही नहीं। वे चीन - भारत के विवाद के बीच बेतुका बयान दे रहे हैं। सर्वप्रथम उन्हें ख़याल होना चाहिए कि चीन - भारत के बीच पाकिस्तान जैसा विवाद नहीं है। यह सच है कि पाकिस्तान के रास्ते चीन अपनी विस्तारवादी नीति को बढ़ावा जरूर दे रहा है। चूंकि भारत ने गिलगिट - बालटिस्तान का मौसम बताकर बड़ा संकेत दिया है। 
जिससे चीन बौखलाया हुआ है। उसे पाक अधिकृत कश्मीर में निवेश किए गए धन की समस्या है। करोड़ो ₹ चीन ने वहाँ निवेश किया है पर लाभ शीघ्र मिलता दिख नहीं रहा। इधर चीन वैश्विक स्तर से कोरोना वायरस के संबंध में घेरा जा रहा है। यही सब कारण है कि चीन दुनिया का ध्यान भटकाने के प्रयास मे डटा हुआ है।
चीन को पता है कि एशिया मे भारत ही एक मजबूत राष्ट्र है। जिसके द्वारा दुश्मन उस पर कभी भी हावी हो सकता है। चीन - भारत सीमा विवाद पर बातचीत से समझौता होने के आसार बढ़े हैं। पिछली बार डोकलाम पर बातचीत से मसला हल हो गया था। 
वैसे भी केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि यह 1962 का भारत नहीं 2020 का भारत है। मोदी के भारत कोई धमका नहीं सकता। इसलिए इमरान खान का यह बयान बड़ा बेतुका है कि मोदी की नीतियां पड़ोसी देशों के लिए खतरा हैं। चूंकि भारत पड़ोसी देशों का अहित कभी नहीं चाहता बल्कि आत्मरक्षार्थ ही कार्य करता है। 

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