आज शाम जारी होने वाली लिस्ट में वन्दना पर लगेगी मुहर ?

पिछले कुछ समय से ऐसा क्यों हो रहा है कि हर चुनाव में पूरे प्रदेश के प्रत्याशियों की लिस्ट जारी हो जाती है पर बांदा...

आज शाम जारी होने वाली लिस्ट में वन्दना पर लगेगी मुहर ?

पिछले कुछ समय से ऐसा क्यों हो रहा है कि हर चुनाव में पूरे प्रदेश के प्रत्याशियों की लिस्ट जारी हो जाती है पर बांदा की सीट पर प्रत्याशियों की घोषणा खटाई में पड़ जाती है। घोषणा होती भी है पर सबसे अन्तिम दौर में, यहां तक कि जिस दिन नामांकन का अन्तिम दिन होता है, उसी दिन ऐन मौके पर प्रत्याशी घोषित होता है, और सारे कयास खत्म हो जाते हैं।

यह भी पढ़े डॉन ब्रदर्स के शूटर को बांदा में असली पत्रकारों की तरह ट्रेनिंग दी गई थी, तीन मीडियाकर्मियों  से हुई पूंछताछ

आप सोच रहे होंगे कि शायद हम सारी पार्टियों की बातें कर रहे हैं पर ऐसा नहीं है। भाजपा को छोड़कर सारी पार्टियां और यहां तक कि निर्दलीय प्रत्याशी भी अपनी दावेदारी पहले से स्पष्ट कर देते हैं। पर भाजपा में ही अन्तिम दौर तक पेंच फंसा रहता है। और नामांकन के अन्तिम दिन तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा लटकी रहती है।

यह भी पढ़े - महोबा का एक ब्रांड बन गया एमकॉम चाय वाला,आइये जानतें हैं इनके बारे में

बांदा नगर पालिका परिषद का भी यही हाल है। और यहां पर ढेर सारे आवेदन आये हैं। प्रत्याशी का निर्णय लेने वाली कमेटी भी हैरान परेशान है। अन्दर की बात ये है कि आवेदकों ने एक दूसरे को इल्जामों के तीरों से घायल कर रखा है। ठाकुर, बनिया, ब्राह्मण में से किसी एक को टिकट दिया जाना था। हालांकि सबसे ऊपर नाम वैश्य बिरादरी की तीन महिलाओं का ही चल रहा था, जिसमें क्रमशः रानी गुप्ता, मालती बासू और वन्दना गुप्ता थीं। पर उधर ब्राह्मण बिरादरी से ममता मिश्रा ने भी लखनऊ पहुंचकर अपनी प्रत्याशिता की मुहिम तेज कर दी। जिससे एक बार लगा कि भाजपा वैश्य बिरादरी को टिकट न देकर किसी ब्राह्मण को टिकट दे सकती है। पर जातीय समीकरणों पर गौर करें और सोशल मीडिया में चल रही खबरों पर यकीन करें तो सपा के द्वारा फाइनल किए गये पूर्व चेयरमैन मोहन साहू की पत्नी गीता साहू का टिकट काटकर सपा के उदीयमान ब्राह्मण नेता विदित त्रिपाठी की धर्मपत्नी रूचि त्रिपाठी को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आशीर्वाद मिल चुका है और सम्भवतः वही इस चुनाव में सपा की ओर से दावेदार होंगी।

यह भी पढ़े - देश में बजा चित्रकूट का डंका, डीएम अभिषेक आनंद को मिला पीएम अवार्ड

 

इसी कारण अब भाजपा किसी ब्राह्मण पर दांव न लगाकर किसी न किसी वैश्य को ही मैदान में उतारना चाहेगी। और अगर पार्टी के अन्दरूनी सूत्रों पर भरोसा करें तो दावा ये है कि वन्दना गुप्ता पर अन्तिम मुहर लग चुकी है और आज शाम तक जारी होने वाली लिस्ट में वन्दना गुप्ता का नाम होगा।

हालांकि सबसे ऊपर चलने वाला रानी गुप्ता का नाम तब विवादों में घिर गया था, जब ये आरोप लगाये गये कि प्रदेश की एक बड़ी नेता को सोने की चूड़ियां गिफ्ट की गयी हैं, ताकि रानी गुप्ता का टिकट फाइनल हो सके। अब ये खबर कितनी सच्ची है या कितनी झूठी, इस बात की तस्दीक हम नहीं करते। हम तो केवल आपको वो बता रहे हैं जो खबरें अन्दरखाने छनकर आ रही हैं। हालांकि ये किसी को बदनाम करने की साजिश भी हो सकती है। 

इसी तरह वन्दना गुप्ता के नाम फाइनल किये जाने को लेकर अन्दर से जो खबरें आ रहीं हैं, उसमें बताया जा रहा है कि प्रदेश की एक अन्य महिला नेता ने वन्दना गुप्ता की पुरजोर वकालत की है और उन्हें ही सच्चा उम्मीदवार बताया है, कि कैसे उन्होंने अपने दम पर पिछले पांच सालों में ये मुकाम हासिल किया है।

हम पुनः आपसे बता रहे हैं कि ये हमारा आंकलन मात्र है, वो भी सूत्रों से प्राप्त खबरों के आधार पर। इसीलिए किसी भी बात को मानने से पहले आप भी अपनी ओर से पुष्टि कर लीजिये।

What's Your Reaction?

like
1
dislike
0
love
3
funny
1
angry
0
sad
1
wow
0